मुख्यमंत्री उद्यमी योजना 2025–26: प्रोजेक्ट लिस्ट (पूरी जानकारी) Complete Approved Project List
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है। इस योजना के अंतर्गत सरकार ने विभिन्न प्रकार की विनिर्माण (Manufacturing), सेवा (Service) और व्यापार (Trade) आधारित परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। आवेदक को आवेदन करते समय इन्हीं स्वीकृत परियोजनाओं में से किसी एक का चयन करना होता है।
सही परियोजना का चयन क्यों जरूरी है?
बहुत से आवेदक आवेदन भरते समय जल्दबाजी में किसी भी परियोजना का चुनाव कर लेते हैं — और यही उनकी सबसे बड़ी गलती बन जाती है। यह योजना आपको ₹10 लाख तक की सहायता देती है, लेकिन यह राशि तभी सफल होगी जब आप एक सही और व्यावहारिक परियोजना चुनेंगे।
एक बार चयन के बाद परियोजना बदलना सामान्यतः संभव नहीं होता। इसलिए आवेदन करने से पहले सभी उपलब्ध परियोजनाओं को ध्यान से पढ़ें, अपनी रुचि, योग्यता और स्थानीय बाजार की माँग को ध्यान में रखें।
सही परियोजना चुनने के फायदे: Benefits of choosing the right project:
- आपका व्यवसाय तेजी से स्थापित होगा। Your business will be established quickly.
- ऋण चुकाने में आसानी होगी। Repayment of the loan will be easier.
- प्रशिक्षण अधिक प्रभावी होगा। Training will be more effective.
- दीर्घकालिक सफलता की संभावना बढ़ेगी। Chances of long-term success will increase.
⚠️ महत्वपूर्ण सूचना | Important Notice
- परियोजना का चयन सोच-समझकर करें। Choose your project carefully and thoughtfully.
- एक बार चयन के बाद सामान्यतः बदलाव संभव नहीं होता। Changes are generally not allowed after project selection.
- परियोजना अपने जिले में ही स्थापित करना अनिवार्य है। The project must be established within your own district.
पहले यह जरूर पढ़ें - बिहार मुख्यमंत्री उद्यमी योजना 2025–26: पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया और नई अंतिम तिथि | पूरी जानकारी | VisonX Digital
परियोजना सूची | Project List
नीचे सभी 8 श्रेणियों में स्वीकृत परियोजनाओं की पूरी सूची दी गई है।
1. खाद्य प्रसंस्करण एवं कृषि आधारित परियोजनाएँ | Food Processing & Agro-Based Projects
बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है और यहाँ खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्योगों की माँग हमेशा बनी रहती है। मखाना, सत्तू, आटा, बेसन जैसे उत्पाद बिहार की पहचान हैं और इन परियोजनाओं में सफलता की संभावना अधिक है।
- तेल मिल / मसाला उत्पादन — Oil Mill / Spice Production
- तेल मिल — Oil Mill
- शहद प्रसंस्करण — Honey Processing
- पोहा / चूड़ा विनिर्माण — Poha / Chura Manufacturing
- जैम / जेली / सॉस / फलों का रस — Jam / Jelly / Sauce / Fruit Juice
- मखाना प्रसंस्करण — Makhana Processing
- मिनी राइस मिल — Mini Rice Mill
- दाल मिल (दाल विनिर्माण) — Pulse Mill (Dal Manufacturing)
- कॉर्न फ्लेक्स विनिर्माण — Corn Flakes Manufacturing
- कॉर्न फ्लेक्स / कॉर्न पफ विनिर्माण — Corn Flakes / Corn Puff Manufacturing
- सोया उत्पाद — Soya Products
- आइसक्रीम एवं डेयरी उत्पाद — Ice Cream & Dairy Products
- बेकरी उत्पाद (ब्रेड, बिस्किट, रस्क) — Bakery Products (Bread, Biscuit, Rusk)
- मसाला उत्पादन — Spice Production
- सत्तू विनिर्माण — Sattu Manufacturing
- आटा / बेसन विनिर्माण — Aata / Besan Manufacturing
- आटा / बेसन / सत्तू / मसाला विनिर्माण — Aata / Besan / Sattu / Masala Manufacturing
- पशु आहार विनिर्माण — Cattle Feed Manufacturing
- मुर्गी आहार — Poultry Feed
- पशु आहार / मुर्गी आहार विनिर्माण — Cattle Feed / Poultry Feed Manufacturing
2. होटल एवं सेवा क्षेत्र परियोजनाएँ | Hotel & Service Sector Projects
सेवा क्षेत्र की परियोजनाएँ उन आवेदकों के लिए आदर्श हैं जो कम निवेश में अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। ड्रोन सेवा जैसी आधुनिक परियोजनाएँ भविष्य की दृष्टि से बेहद उपयोगी हैं।
- होटल / रेस्टोरेंट / ढाबा — Hotel / Restaurant / Dhaba
- ड्राई क्लीनिंग — Dry Cleaning
- चिकित्सा निदान केंद्र — Medical Diagnostic Centre
- साइबर कैफे / आईटी व्यवसाय केंद्र — Cyber Café / IT Business Centre
- ऑटो / बाइक गैरेज — Auto / Bike Garage
- कृषि ड्रोन सेवा — Agriculture Drone as a Service
3. फर्नीचर एवं धातु कार्य परियोजनाएँ | Furniture & Metal Work Projects
राज्य में निर्माण कार्य तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण फर्नीचर और धातु आधारित उद्योगों की माँग भी लगातार बढ़ रही है। यदि आपके पास इस क्षेत्र का अनुभव है, तो ये परियोजनाएँ आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती हैं।
- बढ़ईगीरी एवं लकड़ी फर्नीचर कार्यशाला (CNC सहित) — Carpentry & Wood Furniture Workshop (with CNC)
- बढ़ईगीरी / लकड़ी फर्नीचर / मधुमक्खी बॉक्स — Carpentry & Wood Furniture / Bee Box
- स्टील फर्नीचर / अलमारी / रैक विनिर्माण — Steel Furniture / Almirah / Rack Manufacturing
- गेट ग्रिल / वेल्डिंग / अस्पताल बेड / ट्रॉली — Gate Grill / Welding / Hospital Bed / Trolley Units
- कील विनिर्माण — Nail Manufacturing
- निर्माण कार्य हेतु लोहे की रिंग — Iron Ring for Construction
- रोलिंग शटर विनिर्माण — Rolling Shutters Manufacturing
- हल्के वाणिज्यिक वाहन बॉडी विनिर्माण — Light Commercial Vehicle Body Manufacturing
- धातु शिल्प इकाई — Metal Craft Unit
4. विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक्स परियोजनाएँ | Electrical & Electronics Projects
देश में LED और इलेक्ट्रिक वाहनों की माँग तेजी से बढ़ रही है। इस श्रेणी की परियोजनाएँ तकनीकी रूप से रुचि रखने वाले आवेदकों के लिए बेहतरीन अवसर प्रस्तुत करती हैं।
- कूलर विनिर्माण, पंखा एवं हीटर असेंबलिंग — Cooler Manufacturing, Fan & Heater Assembling
- एलईडी बल्ब विनिर्माण — LED Bulb Manufacturing
- इलेक्ट्रिक स्विच / सॉकेट / स्विच बोर्ड — Electric Switch / Socket / Switch Board
- इलेक्ट्रिक वाहन असेंबलिंग इकाई — Electric Vehicle Assembling Unit
5. रासायनिक एवं उपभोक्ता उत्पाद परियोजनाएँ | Chemical & Consumer Product Projects
रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएँ जैसे डिटर्जेंट, पेपर बैग और सैनिटरी नैपकिन की माँग बाजार में हमेशा बनी रहती है। ये परियोजनाएँ महिला उद्यमियों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त हैं।
- सैनिटरी नैपकिन / डिस्पोजेबल डायपर — Sanitary Napkins / Disposable Diaper
- डिटर्जेंट पाउडर विनिर्माण — Detergent Powder Manufacturing
- प्लास्टिक वस्तुएँ / बोतलें / डिब्बे — Plastic Items / Bottles / Boxes
- पेपर बैग विनिर्माण — Paper Bag Manufacturing
- पेपर प्लेट विनिर्माण — Paper Plate Manufacturing
- फ्लेक्स प्रिंटिंग — Flex Printing
6. निर्माण सामग्री परियोजनाएँ | Construction Material Projects
बिहार में बुनियादी ढाँचे का तेजी से विस्तार हो रहा है। ईंट, टाइल्स और पाइप जैसी निर्माण सामग्री की माँग लगातार बढ़ रही है, जिससे इस श्रेणी की परियोजनाएँ दीर्घकालिक रूप से लाभदायक हो सकती हैं।
- सीमेंट जाली / दरवाजे / खिड़कियाँ — Cement Jali / Doors / Windows
- पेवर ब्लॉक एवं टाइल्स विनिर्माण — Paver Block & Tiles Manufacturing
- फ्लाई ऐश ईंट — Fly Ash Bricks
- फ्लाई ऐश ईंट / RCC स्पन ह्यूम पाइप — Fly Ash Bricks / RCC Spun Hume Pipe
- पावरलूम इकाई — Power loom Unit
7. वस्त्र, जूते-चप्पल एवं परिधान परियोजनाएँ | Textile, Footwear & Garment Projects
वस्त्र और फुटवियर उद्योग में बिहार के युवाओं के लिए बड़ी संभावनाएँ हैं। इस क्षेत्र में कच्चे माल की उपलब्धता और कुशल श्रमिकों की बहुलता इसे और भी आकर्षक बनाती है।
- चमड़ा एवं रेक्सिन उत्पाद विनिर्माण — Manufacturing of Leather & Rexin Products
- स्पोर्ट्स जूते / PVC फुटवियर — Sports Shoes / PVC Footwear
- स्पोर्ट्स जूते विनिर्माण — Sports Shoes Manufacturing
- तैयार कपड़े (बुनाई / होजरी) — Readymade Garments (Knitting / Hosiery)
- कपड़ा रंगाई — Fabric Dyeing
- कपड़ा छपाई — Fabric Printing
- कपड़ा फिनिशिंग एवं केलेंडरिंग — Fabric Finishing & Calendering
8. हस्तशिल्प एवं पारंपरिक उद्योग परियोजनाएँ | Handicraft & Traditional Industry Projects
बिहार की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध है। मधुबनी पेंटिंग, सिक्की शिल्प, बाँस कला और लाख शिल्प जैसे पारंपरिक उद्योग न केवल स्थानीय बाजार में बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। यदि आप पारंपरिक कलाओं में रुचि रखते हैं तो यह श्रेणी आपके लिए विशेष रूप से उपयुक्त है।
- केले के रेशे की इकाई — Banana Fiber Unit
- बाँस / बेंत फर्नीचर — Bamboo / Cane Furniture
- मधुबनी पेंटिंग इकाई — Madhubani Painting Unit
- सिक्की शिल्प इकाई — Sikki Craft Unit
- बाँस शिल्प इकाई — Bamboo Craft Unit
- पत्थर शिल्प इकाई — Stone Craft Unit
- कढ़ाई / जरदोजी इकाई — Embroidery / Zardozi Unit
- गुड़िया निर्माण इकाई — Doll Making Unit
- लाख शिल्प इकाई — Lac Craft Unit
- मिट्टी के बर्तन / सिरेमिक इकाई — Ceramics Unit
- सीपी शिल्प इकाई — Sea Shell Craft Unit
- बावन बूटी इकाई — Bawan Buti Unit
- चाँदी के गहने इकाई — Silver Jewellery Unit
- कालीन बुनाई इकाई — Carpet Weaving Unit
💡 सही परियोजना कैसे चुनें?
सही परियोजना चुनना आपकी सफलता की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सीढ़ी है। नीचे दिए गए बिंदुओं को ध्यान में रखकर निर्णय लें।
✔ अपने बजट के अनुसार चुनें। योजना में अधिकतम ₹10 लाख की सहायता मिलती है, लेकिन कुछ परियोजनाओं की वास्तविक लागत इससे अधिक हो सकती है। ऐसे में पहले पूरी लागत का आकलन करें।
✔ स्थानीय बाजार की माँग देखें। जिस परियोजना का उत्पाद या सेवा आपके क्षेत्र में पहले से लोकप्रिय है, उसमें सफलता की संभावना अधिक होती है।
✔ कच्चे माल की उपलब्धता जाँचें। यदि कच्चा माल स्थानीय रूप से उपलब्ध है तो लागत कम रहेगी और उत्पादन आसान होगा।
✔ अपनी योग्यता और अनुभव के अनुसार चुनें। जिस क्षेत्र में आपकी रुचि या पूर्व अनुभव है, वहाँ सफलता की संभावना कहीं अधिक होती है।
✔ आवश्यक प्रशिक्षण की जरूरत को समझें। कुछ परियोजनाओं के लिए विशेष तकनीकी प्रशिक्षण अनिवार्य होता है। आवेदन से पहले यह सुनिश्चित करें कि आप उस प्रशिक्षण के लिए तैयार हैं।
💬 सुझाव | Tip: पहली बार उद्यम शुरू करने वाले छोटे और कम जोखिम वाली परियोजना से शुरुआत करें — इससे अनुभव मिलेगा और जोखिम भी कम रहेगा।
🧾 निष्कर्ष | Conclusion
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना 2025–26 बिहार के युवाओं और महिलाओं के लिए एक बड़ा अवसर है। ऊपर दी गई परियोजनाओं की सूची में से सोच-समझकर, अपनी क्षमता और बाजार की माँग के अनुसार परियोजना का चुनाव करें। एक सही निर्णय आपके उद्यमी जीवन की नींव बन सकता है।
आवेदन की नई अंतिम तिथि 23 मार्च 2026, अपराह्न 5:00 बजे है — देर न करें। The new last date for application is 23 March 2026, 5:00 PM — do not delay.
Tip: पहली बार उद्यम शुरू करने वाले छोटे और कम जोखिम वाले प्रोजेक्ट से शुरुआत करें।